Short stories in hindi language. 27 Best Moral Stories In Hindi 2019-02-13

Short stories in hindi language Rating: 8,3/10 954 reviews

बदलाव

short stories in hindi language

What amaze me the most about these over 2 thousand year stories is, 1 human behavior and nature is well portrayed through the selected animal characters in each tale 2 the teachings are still applicable to the present day world. उसने तो तैरना कभी नहीं सीखा । फिर यह क्या जादू था? जा भाग, जान बची तो लाखों पाये! गुस्से से लाल होना adverb — gusse se lal hona — to become very angry 22. तो आप बिलकुल गलत सोच रहे है, है यह तो सच हैं की केवल कहानियां पढ़ने से कोई सफलता नहीं मिलती, जब तक आप इन कहानियों से मिली प्रेरणा को अपने जीवन में Lifestyle में नही उतारेंगे तब तक कहानियां पढ़ना व्यर्थ ही है. आओ और तुम भी मेरे साथ नाचो-गाओ. आज़ादी बिना खून के नहीं मिलती, क्रांति बिना खून के नहीं आती, और, और, इसी क्रांति से तो उसका नन्हा-सा मुल्क पैदा हुआ है! जहाँ — जहाँ pair words — jahan — jahan — wherever 9. थोड़ी ही देर में जंगल में भगदड़ मच गयी सभी जानवर इधर से उधर भाग रहे थे पूरा जंगल अपनी अपनी जान बचाने में लगा हुआ था उस जंगल में एक नन्हीं चिड़िया रहा करती थी उसने देखा क़ि सभी लोग भयभीत हैं जंगल में आग लगी है मुझे लोगों की मदद करनी चाहिए यही सोचकर वह जल्दी ही पास की नदी में गयी और चोच में पानी भरकर लाई और आग में डालने लगी वह बार बार नदी में जाती और चोच में पानी डालती पास से ही एक उल्लू गुजर रहा था उसने चिड़िया की इस हरकत को देखा और मन ही मन सोचने लगा बोला क़ि ये चिड़िया कितनी मूर्ख है इतनी भीषण आग को ये चोंच में पानी भरकर कैसे बुझा सकती है उल्लू यह सुनकर बहुत प्रभावित हुआ तो मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है जब कोई परेशानी आती है तो इंसान घबराकर हार मान लेता है लेकिन हमें बिना डरे प्रयास करते रहना चाहिए यही इस कहानी की शिक्षा है गधा और धोबी — Moral Story with Images Credit : दो मुंह वाली चिड़िया — Animal Story in Hindi नंदन वन में एक नन्हीं चिड़िया रहती थी जिसके दो मुँह थे। दो मुँह होने के कारण वह चिड़िया दूसरे पछियों से बिल्कुल विचित्र दिखती थी। वह चिड़िया एक बरगद के पेड़ पर घौंसला बना कर रहती थी। एक दिन वह चिड़िया जंगल में भोजन की तलाश में इधर उधर उड़ रही थी। अचानक चिड़िया के दायें वाले मुँह की नजर एक लाल फल पर पड़ी। देखते ही उसके मुँह में पानी आ गया और वह तेजी से वो लाल फल खाने को आगे बढ़ी। अब चिड़िया का दायाँ मुँह बड़े स्वाद से वो फल खा रहा था। बायाँ मुँह बेचारा बार बार दाएं मुंह की तरफ देख रहा था कि ये मुझे भी खाने को दे लेकिन दायाँ वाला चुपचाप मस्ती से फल खाये जा रहा था। अब बाएँ मुँह ने दाएँ वाले से प्रार्थना की, कि थोड़ा सा फल खाने को मुझे भी दे दो तो इसपर दाएं मुंह ने गुस्सा दिखाते हुए कहा — कि हम दोनों का पेट एक ही है। अगर मैं खाऊँगा तो वो हमारे पेट में ही जायेगा। लेकिन उसने बाएं वाले को कुछ खाने को नहीं दिया। अगले दिन चिड़िया फिर से जंगल में खाने की तलाश में उड़ रही थी। तभी बाएं मुँह की नजर एक अदभुत फल पर पड़ी जो बहुत चमकीला था। वह तेजी से उस फल की तरफ लपका। अब जैसे ही वो फल खाने को हुआ तुरंत पास बैठे एक कौए ने चेतावनी दी कि इस फल को मत खाओ ये बहुत जहरीला है। ये सुनकर दायाँ मुंह भी चौंका और बाएं से प्रार्थना की कि इस फल को मत खाओ ये हमारे लिए बहुत खतरनाक साबित होगा लेकिन बाएं मुंह को तो दाएं से बदला लेना था। उसने एक ना सुनी और चुपचाप वह फल खाने लगा। कुछ ही देर में चिड़िया का शरीर मृत होकर जमीन पर गिर पड़ा। दोस्तों कहानी सुनने में तो आनंद आया होगा लेकिन जब मैं आपको इसकी शिक्षा बताऊंगा तो आपकी आँखे फटी रह जाएँगी। आजकल के माहौल में देखा जाता है कि एक ही परिवार के लोग एक दूसरे से ईर्ष्या करते हैं, एक दूसरे से दुश्मनी रखते हैं। लेकिन जब भी वह एक दूसरे को नुकसान पहुँचाने का सोचते हैं या एक दूसरे से बदला लेने का सोचते हैं तो नुकसान पूरे परिवार का ही होता है। इसलिए एक दूसरे से मिल जुल कर रहें क्योंकि अगर परिवार का एक भी सदस्य गलत काम करे तो नुकसान पूरे परिवार का होता है। यही इस कहानी की शिक्षा है। धन्यवाद!!!!! His education qualification include Masters in Robotics and Bachelors in Mechanical Engineering. संत भिक्षु ने कहा-मैं भीखन । लोग। -तुम मुझे भिक्षु कहते हैं। ओह! यहां प्रस्तुत हर एक hindi moral stories में जीवन के प्रति गहरी प्रेरणा deep inspiration also for kids भरी हुए है.

Next

All Hindi Stories

short stories in hindi language

मेरे कोई पुत्र नहीं है। मैंने तुम्हें और केशव दोनों ही को पुत्र-तुल्य समझा है। यद्यपि केशव तुमसे चतुर है, पर मुझे विश्वास है कि विस्तृत संसार में तुम्हें जो सफलता मिलेगी, वह उसे नहीं मिल सकती। अतएव मैंने तुम्हीं को अपनी लज्जा के लिए वरा है। क्या मैं आशा करूँ कि मेरा मनोरथ पूरा होगा। - मुंशी प्रेमचंद Munshi Premchand पंडित लीलाधर चौबे की जबान में जादू था। जिस वक्त वह मंच पर खड़े हो कर अपनी वाणी की सुधावृष्टि करने लगते थे; श्रोताओं की आत्माएँ तृप्त हो जाती थीं, लोगों पर अनुराग का नशा छा जाता था। चौबेजी के व्याख्यानों में तत्तव तो बहुत कम होता था, शब्द-योजना भी बहुत सुन्दर न होती थी; लेकिन बार-बार दुहराने पर भी उसका असर कम न होता, बल्कि घन की चोटों की भाँति और भी प्रभावोत्पादक हो जाता था। हमें तो विश्वास नहीं आता, किन्तु सुननेवाले कहते हैं, उन्होंने केवल एक व्याख्यान रट रखा है। और उसी को वह शब्दश: प्रत्येक सभा में एक नये अन्दाज से दुहराया करते हैं। जातीय गौरव-गान उनके व्याख्यानों का प्रधन गुण था; मंच पर आते ही भारत के प्राचीन गौरव और पूर्वजों की अमर-कीर्ति का राग छेड़ कर सभाको मुग्ध कर देते थे। यथा , 'सज्जनो! यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. Hindi has a long tradition of short stories reflecting the culture and traditional values of the people living in Northern India. राजा — raja — King 4. भलाई — bhalaayi — goodness, well being About the Author: Nitin Kumar is a native Hindi speaker from New Delhi, India. और उसने अपने गुरु से सारा वाकया बताया और पुछा की अगर उसके जिंदगी के आखरी दिनों में अगर कुछ अच्छा करने लायक है तो उसे वह जरूर बताये.

Next

Hindi Short Stories : Many Short Stories are here for your enrichment.

short stories in hindi language

To know the value of life with fun in the way of story's. आप बुरा न मानें, तो एक बात कहूँ - जिस बेंच पर आप बैठे हैं, वह मेरी है। जी हाँ, मैं यहाँ रोज बैठती हूँ। नहीं, आप गलत न समझें। इस बेंच पर मेरा कोई नाम नहीं लिखा है। भला म्यूनिसिपैलिटी की बेंचों पर नाम कैसा? This Sinhasan originally belongs to Raja Vikram Aditya who was very courageous and clever. Watch popular stories and Interesting, fun videos dedicated to kids of all ages. बच्चो में विद्यार्थी जीवन के प्रारंभ से ही नैतिक ज्ञान की शिक्षा जरूरी होती है जिससे की वेह आगे चल कर एक सफल मनुष्य बन सके. उस आदमी की तो शादी भी नहीं हुई है, लड़की कहाँ से आएँगी? बन्दर — bandar — Monkey 6. की डिग्री प्राप्त की थी। अब एक दफ्तर में नौकर था। छोटा लड़का लालबिहारी सिंह दोहरे बदन का, सजीला जवान था। भरा हुआ मुखड़ा, चौड़ी छाती। भैंस का दो सेर ताजा दूध वह उठ कर सबेरे पी जाता था। श्रीकंठ सिंह की दशा बिलकुल विपरीत थी। इन नेत्रप्रिय गुणों को उन्होंने बी. .


Next

नन्हीं चिड़िया, Hindi Short Stories, Hindi Moral Story For Kids

short stories in hindi language

एक दिन एक बड़ा सारस वह आया और उसने उस युवा सारस के साथ दुर्व्यवहार किया जिससे वेह सारस रोने लगा और मदद की गुहार लगाने लगा. चीख़ों की आवाज उसके लिए नई नहीं। आग लगने पर चिल्लाने में कोई नयापन नहीं। उसने आग देखी है। आग में जलते बच्चे देखे हैं, औरतें और मर्द देखे हैं। रात-रात भर जल कर सुबह ख़ाक हो गए मुहल्लों में जले लोग देखे हैं! और साथ ही next page पर क्लिक करके इस लेख का अगला page भी पड़ें और रोजाना कहानियां पाने के लिए हमसे जुड़े रहे. तब तूने क्यों अपने को बिगाड़ लिया? मारना — maarna — to kill 23. परिश्रम का महत्व Story in Hindi Language अपनी मात्रभाषा में कहानी पढने का कुछ मज़ा ही अलग है इसीलिए हम हमारे पाठकों के लिए हमारी वेबसाइट hindishortstories. Inspiring New Moral Stories in Hindi on Life सिर्फ कहानियों के जरिये बड़े-बड़े व्यक्तियों ने जीवन कैसे जिए, जीवन में प्रगति कैसे की जाए आदि के बारे में लोगों को प्रेरणा दी है. अवश्य — avashya — sure 30.

Next

Kids Stories In Hindi

short stories in hindi language

Today, I will present you another fable from a very famous series of animal fables from ancient India which is called Panchatantra पञ्चतन्त्र — Five Principles that we discussed in previous post on short stories. नहीं, आप उठिए नहीं - मेरे लिए यह कोना ही काफी है। आप शायद हैरान होंगे कि मैं दूसरी बेंच पर क्यों नहीं जाती? कितने ही आदमी अपनी माता, पिता, भाई, बहन इत्यादि के प्रेम में अश्रुओं की धारा बहा रहे थे। उन दुखों की कथा सुनने वाला वहाँ कोई नहीं था। जो लोग खसखस की टट्टियों में रहते हैं और जिन्होंने कि 'Eat drink and be merry' खाओ और मौज उड़ाओ, यही अपने जीवन का उद्देश्य समझ रखा है, वे उन बेचारे पाँच सौ भारतवासियों के हाल क्या जान सकते हैं। उनकी दुर्दशा पर तो वे ही ध्यान दे सकते हैं जिन्होंने कि 'परोपकाराय सतां ही जीवनम्' यही अपना आदर्श मंत्र बना लिया हो। - मुंशी प्रेमचंद Munshi Premchand जब रजिया के दो-तीन बच्चे होकर मर गये और उम्र ढल चली, तो रामू का प्रेम उससे कुछ कम होने लगा और दूसरे व्याह की धुन सवार हुई। आये दिन रजिया से बकझक होने लगी। रामू एक-न-एक बहाना खोजकर रजिया पर बिगड़ता और उसे मारता। और अन्त को वह नई स्त्री ले ही आया। इसका नाम था दासी। चम्पई रंग था, बड़ी-बडी आंखें, जवानी की उम्र। पीली, कुंशागी रजिया भला इस नवयौवना के सामने क्या जांचती! He wish to learn French one day. और अगर आप ऐसा सोच रहे की कहानियां पढ़ने से कोई सफलता नहीं मिलती यह सब झूठ बाते होती है. गर्मी — garmi — heat, summer 13. Control your anger Hindi story 2. ये सुनकर उस व्यापारी ने अपनी साड़ी मुर्गियों को बाज़ार में ले जाकर बेच दिया.


Next

बदलाव

short stories in hindi language

मास्टर जी ने मार डाला! दूर — dur — far 26. एक बार एक राजा के राज्य में महामारी फैल गयी। चारो ओर लोग मरने लगे। राजा ने इसे रोकने के लिये बहुत सारे उपाय करवाये मगर कुछ असर न हुआ और लोग मरते रहे। दुखी राजा ईश्वर से प्रार्थना करने लगा। तभी अचानक आकाशवाणी हुई। आसमान से आवाज़ आयी कि हे राजा तुम्हारी राजधानी के बीचो बीच जो पुराना सूखा कुंआ है अगर अमावस्या की रात को राज्य के प्रत्येक घर से एक — एक बाल्टी दूध उस कुएं में डाला जाये तो अगली ही सुबह ये महामारी समाप्त हो जायेगी और लोगों का मरना बन्द हो जायेगा। राजा ने तुरन्त ही पूरे राज्य में यह घोषणा करवा दी कि महामारी से बचने के लिए अमावस्या की रात को हर घर से कुएं में एक-एक बाल्टी दूध डाला जाना अनिवार्य है । अमावस्या की रात जब लोगों को कुएं में दूध डालना था उसी रात राज्य में रहने वाली एक चालाक एवं कंजूस बुढ़िया ने सोंचा कि सारे लोग तो कुंए में दूध डालेंगे अगर मै अकेली एक बाल्टी पानी डाल दूं तो किसी को क्या पता चलेगा। इसी विचार से उस कंजूस बुढ़िया ने रात में चुपचाप एक बाल्टी पानी कुंए में डाल दिया। अगले दिन जब सुबह हुई तो लोग वैसे ही मर रहे थे। कुछ भी नहीं बदला था क्योंकि महामारी समाप्त नहीं हुयी थी। राजा ने जब कुंए के पास जाकर इसका कारण जानना चाहा तो उसने देखा कि सारा कुंआ पानी से भरा हुआ है। दूध की एक बूंद भी वहां नहीं थी। राजा समझ गया कि इसी कारण से महामारी दूर नहीं हुई और लोग अभी भी मर रहे हैं। दरअसल ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि जो विचार उस बुढ़िया के मन में आया था वही विचार पूरे राज्य के लोगों के मन में आ गया और किसी ने भी कुंए में दूध नहीं डाला। मित्रों , जैसा इस कहानी में हुआ वैसा ही हमारे जीवन में भी होता है। जब भी कोई ऐसा काम आता है जिसे बहुत सारे लोगों को मिल कर करना होता है तो अक्सर हम अपनी जिम्मेदारियों से यह सोच कर पीछे हट जाते हैं कि कोई न कोई तो कर ही देगा और हमारी इसी सोच की वजह से स्थितियां वैसी की वैसी बनी रहती हैं। अगर हम दूसरों की परवाह किये बिना अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने लग जायें तो पूरे देश मेंबर ऐसा बदलाव ला सकते हैं जिसकी आज हमें ज़रूरत है। Avdhesh Gupta Kanpur Please to know more about Mr. जरूर कर लेना। फिर चौंककर कहा, मेरे राम का क्या बनेगा? Great Moral Stories Also For Kids जो आपके पास है उसकी क़द्र करना सिखों. यह देखकर टिड्डी ने उससे कहा की प्रिय चीटी तुम इतना कठिन परिश्रम क्यों कर रहे हो? हाथी भगवान The Elephant God — Lord Ganesha Stories For Kids Hindi हाथी भगवान The Elephant God — Lord Ganesha Stories For Kids Hindi एक दिन पारवती माता स्नान करने के लिए गयी लेकिन वहां पर कोई भी रक्षक नहीं था। इसलिए उन्होंने चंदन के पेस्ट से एक लड़के को अवतार दिया और उसका नाम रखा गणेश। माता पारवती नें गणेश से आदेश दिया की उनकी अनुमति के बिना किसी को भी घर के अंदर ना आने दिया जाये। जब शिवजी वापस लौटे तो उन्होंने देखा की द्वार पर एक एक बालक खड़ा है। जब वे अन्दर जाने लगे तो उस बालक नें उन्हें रोक लिया और नहीं जाने दिया। यह देख शिवजी क्रोधित हुए और अपने सवारी बैल नंदी को उस बालक से युद्ध करने को कहाँ। पर युद्ध में उस छोटे बालक नें नंदी को हरा दिया। यह देख कर भगवान शिव जी नें क्रोधित हो कर उस बाल गणेश के सर को काट दिया। अब माता पारवती वापस लौटी तो वो बहुत दुखी हुई और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। शिवजी को जब पता चला की वह उनका स्वयं का पुत्र था तो उन्हें भी अपनी गलती का एहसास हुआ। शिवजी नें पारवती को बहुत समझाने का कोशिश किया पर वह नहीं मानी और गणेश का नाम लेते लेते और दुखित होने लगी। अंत में माता पारवती नें क्रोधित हो कर शिवजी को अपनी शक्ति से गणेश को दोबारा जीवित करने के लिए कहा। शिवजी बोले — हे पारवती में गणेश को जीवित तो कर सकता हूँ पर किसी भी अन्य जीवित प्राणी के सीर को जोड़ने पर ही। माता पारवती रोते-रोते बोल उठी — मुझे अपना पुत्र किसी भी हाल में जीवित चाहिए। यह सुनते ही शिवजी नें नंदी को आदेश दिया — जाओ नंदी इस संसार में जिस किसी भी जीवित प्राणी का सीर तुमको मिले काट लाना। जब नंदी सीर खोज रहा था तो सबसे पहले उससे एक हाथी दिखा तो वो उसका सीर काट कर ले आया। भगवान शिव नें उस सीर को गणेश के शारीर से जोड़ दिया और गणेश को जीवन दान दे दिया। शिवजी नें इसीलिए गणेश जी का नाम गणपति रखा और बाकि सभी देवताओं नें उन्हें वरदान दिया की इस दुनिया में जो भी कुछ नया कार्य करेगा पहले! विश्राम — vishram — rest 17. वह और मीलों चीरती हुई ट्रक। कितना घूमा है वह? Enjoy life Hindi kahani 3. भिक्षु ने पूछ लिया। बड़े गर्व से उसने कहा-मेरा मुँह देखने वाला सीधा स्वर्ग में आचार्य भिक्षु पहुँचे हुए संत थे। उन्होंने कहा किसी का मुँह देखने से कोई स्वर्ग अथवा नरक में जाता है मैं तो ऐसा नहीं मानता। खैर. He is avid language learner with varied level of proficiency in English, German, Spanish, and Japanese.

Next

एक बाल्टी दूध Hindi Story With Moral Message

short stories in hindi language

और अगले कुछ दिनों में खबर मिली की महामारी के कारण छेत्र की साड़ी मुर्गियां मर गयी है. इसिलए हम आज नैतिक शिक्षा का महत्त्व, नैतिक मूल्य, नैतिकता, नैतिक शिक्षा पैर कहानी, Moral stories in Hindi, Short moral stories in Hindi, यहाँ पर लिख रहे है. कारण — karan — reason, ground 11. Let's watch this interesting story to find whether Raja Bhoj be able to sit on the Sinhasan. वह भारत नहीं रहा, भारत गारत हो गया! आप अकबर महान हो जी! आखिर में गुरु जी उस व्यापारी को शिक्षा देने के लिए राजी हो गये. Welcome to Kids Stories in Hindi! यह ऐसी कहानियां है, जिन्हे ध्यान से पढ़ने पर एक गहन, गहरी सोच पैदा होगी.

Next

Short Stories in Hindi language छोटी छोटी कहानियाँ हिंदी में

short stories in hindi language

Kids Channel with full of animated short stories, learn and play series, panchtantra series, cartoons, grandma tales, bed time stories etc. वह देख कर घबराता थोड़े ही है? मौका मिलने पैर वेह अपना असली रूप दिखा देता है. समय — samay — time 2. Hindi Stories with moral हिंदी कहानी Enjoy life Hindi Story चिड़िया की परेशानी एक चिड़िया थी वह बहुत उच उड़ती , इधर उधर चहचहाती रहती कभी इस टहनी पर कभी उस टहनी पर फुदकती रहती पर उस चिड़िया की एक थी वह जो भी दिन में उसके साथ होता अच्छा या बुरा उतने पत्थर अपने पास पोटली में रख लेती और अकसर उन पत्थरो को पोटली से निकाल कर देखती अच्छे पत्थरो को देखकर बीते दिनों में हुई अच्छी बातो को याद करके खुश होती और खराब पत्थरो को देखकर दुखी होती ऐसा रोज़ करती रोज़ पत्थर इकठा करने से उसकी पोटली दिन प्रतिदिन भारी होती जा रही थी थोड़े दिन बाद उसे भरी पोटली के साथ उड़ने में दिक्कत होने लगी पर उसे समझ नहीं आ रहा था की वह उठ क्यों नहीं पा रही कुछ समय और बीता, पोटली और भारी होती जा रही थी अब तो उसका जमीन पर चलना भी मुश्किल हो रहा था और एक दिन ऐसा आया की वह खाने पीने का इंतज़ाम भी नहीं कर पाती अपने लिए और अपने पत्थरो के बोझ तले मर गयी. मैंने कुछ बिगाड़ा तो नहीं तेरा. Currently, he is working in the Research and Development in Robotics in Germany. अनर्थ हो गया। उस व्यक्ति ने अपनी आंखों पर हाथ रखते हुए कहा। वह कैसे? मूर्ख — murkh — fool, stupid, idiot etc 31.

Next